प्रेरणादायक कहानियाँ (Motivational Story)

प्रेरणादायक कहानियाँ (Motivational Story)

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से तीन प्रेरणादायक कहानियाँ बताने जा रहा हूँ आशा करता आप भी इन छोटी सी कहानियों को पढ़ कर अपने जीवन में कुछ प्रेरणा ले सके और कुछ कर सके अगर आपको यह पोस्ट आपको अच्छी लगे तो आप हमे अपने सुझाव देवे !


गुब्बारे की एक प्यारी कहानी

एक बार एक गुब्बारा गुब्बारे वाले से उड़ गया था | अब गुब्बारे का पता नही था कि वो कहा जा रहा था | वह हवा में उड़ता हुआ दूर-दूर तक उड़ता गया | कभी वह गाड़ियों से टकराता था तो कभी किसी ने पैरों से ठुकराया कोई उसको देखकर मुस्कराया तो कोई उसको अनदेखा किया| पता नही गुब्बारा कितने पैरों से गुजर गया | लेकिन किसी ने गुब्बारे की अहमियत नहीं समझी | वह ठोकर खाता ओर सहन करता गया | बाद में उस गुब्बारे को एक बच्चे ने उठा लिया | वह बच्चा उस गुब्बारे को पाकर खुश हो गया | यह देख कर गुब्बारे को लगा कि शायद उसे उसकी मंजिल मिल गई | यह ठीक वैसे हैं जैसे जिंदगी में कौन सी चीज किस मुकाम पर आकर हमे खुशी दे जाए हमे भी नही पता होता है इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती हैं कि हमें कभी अपनी जिंदगी में हार नहीं माननी चाहिए पता नही कोनसा रास्ता हमारे लिए खुल जाए हमे निरन्तर अभ्यास करना चाहिए |
शिक्षा :-हमें कभी अपनी जिंदगी में हार नहीं माननी चाहिए पता नही कोनसा रास्ता हमारे लिए खुल जाए हमे निरन्तर अभ्यास करना चाहिए |


संगत का खेल 

एक बार एक शिक्षक अपने स्कुल के छात्रो के साथ कहीं घुमने जा रहे थे ! शिक्षक रास्ते में अपने छात्रों को बुरी संगती तथा अच्छी संगती के बारे में समझा रहे थे लेकिन छात्र शिक्षक की बातो को अनदेखा कर रहे थे कुछ छात्र तो मस्ती कर रहे थे ! तभी शिक्षक ने एक फूलो से भरा गुलाब का पोधा देखा ! शिक्षक ने एक छात्र से उस पोधे के गमले से थोड़ी मिटटी लेकर आने को कहाँ और सभी छात्रो से बोले इस मिटटी को सूंघो ! छात्रो ने मिटटी को सूंघ कर बोले गुरूजी इस मिटटी में से तो गुलाब की महक आ रही है ! तब शिक्षक ने सभी छात्रो को समझाया क्या आप जानते हो इस मिटटी में से गुलाब की महक कैसे आई तो सुनो इस मिटटी में गुलाब के फुल टूट-टूट कर गिरते थे ! तो इस मिटटी में से भी गुलाब की महक आने लग गई ! बच्चो यह सारा खेल संगती का है ! आप जिसके साथ जैसी संगती में रहोगे वेसी ही संगती का असर होगा ! 
शिक्षा :- हमेशा हमें अच्छी संगती को अपनाना चाहिए अर्थात हमें अच्छी संगती के लोगो के साथ रहना चाहिए !


जीत और हार सब कुछ आपके अंदर है  

एक तालाब में बहुत सारे मेढ़क रहते थे ! उस तालाब के बीचो-बीच एक बड़ा लोहे का खंभा था ! एक दिन की बात है सभी मेढको ने यह फैसला किया जो भी मेढ़क इस लोहे के खम्भे उपर चढ़ेगा वह विजेता होगा ! अगले दिन सभी मेढक ने रेस में भाग लेने के लिए आ गये थे ! उस प्रतियोगिता में बहुत सारे मेढ़क इक्कठा हो गये ! चारो तरफ सभी मेढ़क शोर कर रहे थे और सभी मेढ़क उस खम्भे को देखकर बोल रहे थे इस पर चढना नामुमकिन है ! सभी मेढ़क बार-बार कोशिश करने के बाद भी उस खम्भे पर चढ़ नही सके ! उन सब में से एक छोटा सा मेढ़क था जो कई बार गिरा लेकिन अंत कोशिश करने के बाद उस खम्भे पर चढ़ गया है! उस मेढ़क को चढ़ता देखकर सभी मेढ़क उससे पूछ रहे थे की तुमने यह केसे क्या तब वह छोटा सा मेढ़क कुछ नही बोला तभी वह बोला की में बेहरा हु में सुन नही सकता हूँ लेकिन जब आप सब मिलकर जोर-जोर से चिल्ला रहे थे तो में यह सोच रहा था की आप मुझे बोल रहे की तुम यह कर सकते हो इसलिए मेने यह कर दिखाया ! 
शिक्षा :- जीत और हार सब आपके हाथ में होती है बस जरूरत है तो अपने आत्मविश्वास !