कम्प्युटर के प्रकार (Type of Computer)

कम्प्युटर के प्रकार (Type of Computer)


दोस्तों आज इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताने जा रहा हूँ कम्प्युटर के प्रकार (Type of Computer) जो की बहुत ही प्रतियोगिता परीक्षा में अक्सर कंप्यूटर के प्रकार (Type of Computer) के प्रकार से सम्बधित सवाल पूछे जाते है अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो हमे फोलो करे !


कंप्यूटर के प्रकार (Type of Computer)

दोस्तों कंप्यूटर के बहुत सारे प्रकार है जिन्हें आकार के आधार पर ,कार्य प्रणाली के आधार पर ,प्रयोग के आधार पर कंप्यूटरों को बाँटा गया है !


आकार के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार 

1.माइक्रो कम्प्यूटर्स(Micro Computer) :-
  • दोस्तों 1970 में माइक्रोप्रोसेसर का विकास हुआ था उसके बाद के सभी कम्प्यूटर जो माइक्रोप्रोसेसर को मुख्य अवयव के रूप में प्रयोग लेते थे वह सभी कम्प्यूटर माइक्रो कम्प्यूटर कहलायें !
  • माइक्रो कम्प्यूटर आकार में सबसे छोटे तथा कम कीमत के होते है !
  • इन कम्प्यूटर को निजी काम में लेने के कारण इन कम्प्यूटर को पर्सनल कम्प्यूटर या पीसी (PC) भी कहते है !
  • इनकी भंडारण क्षमता तथा प्रोसेसिंग की गति अन्य कम्प्यूटर की तुलना में भी कम होती है !
  • IBM-PC , APPLE-II आदि माइक्रो कम्प्यूटर के ही उदाहरण है !



2.मिनी कम्प्यूटर्स(Mini computer) :-
  • इस कम्प्यूटर का आकार माइक्रो कम्प्यूटर से बड़ा तथा मेनफ्रेम कम्प्यूटर से छोटा होता है !
  • इन कम्प्युटरों को एक से अधिक (बहुत अधिक नही) व्यक्ति एक साथ कम में ले सकते है !
  • बहु-प्रयोक्ता प्रणाली पर आधारित होने के कारण इन कम्प्यूटर में वितरित डाटा प्रोसेसिंग (Distirbuted Data Processing) में इनका प्रयोग किया जाता था !
  • इन कम्प्यूटर की भंडारण क्षमता (memory) तथा संसाधन (processing) की गति माइक्रो कम्प्यूटर की तुलना में अधिक होती है !
  • इन कम्प्यूटर की कीमत लगभग पांच से छ: लाख रु तथा इससे अधिक भी हो सकती है !
  • इन कम्प्यूटर का प्रयोग सबसे ज्यादा प्रकिया नियन्त्रण में होता है !
  • इन कम्प्यूटर को किसी कम्प्यूटर नेटवर्क के केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है !
  • PDP-11 , DEC आदि कम्प्यूटर सर्वाधिक प्रचलित मिनी कम्प्यूटर है !

3.मेनफ्रेम कम्प्यूटर्स(Main frame computer) :-
  • इन कम्प्यूटर का आकार मिनी तथा माइक्रो कम्प्यूटर से बड़ा होता है !
  • इन कम्प्यूटरो पर एक से अधिक बहुत सारे व्यक्ति कार्य कर सकते है !
  • इन कम्प्यूटरो की भंडारण क्षमता (memory) तथा संसाधन (processing) की गति माइक्रो तथा मिनी कम्प्यूटरो से अधिक होती है !
  • इन कम्प्यूटर का उपयोग नेटवर्क डाटा प्रोसेसिंग में किया जाता है जहाँ एक साथ बहुत अधिक संख्या में प्रयोक्ता अपने डाटा प्रोसेस करते है !
  • विस्तृत क्षेत्रीय नेटवर्क (Wide Area Network) बनाने में मेनफ्रेम कम्प्यूटर को केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में प्रयोग किया जाता है !
  • यह कम्प्यूटर बहु-प्रोग्रामन (Multi Programming) प्रणाली पर भी कार्य करते है जहाँ एक समय में एक से अधिक प्रोग्रामो को कम्प्यूटर की मेमोरी में संचित किय जाता है !
  • इन कम्प्यूटर की कीमत बहुत ज्यादा होती है लगभग करोड़ो रु में आंकी जाती है !
  • मेनफ्रेम कम्प्यूटर का उपयोग बड़ी-बड़ी वैज्ञानिक प्रयोगशाला में किया जाता है !
  • Sperry,CDC आदि कुछ प्रचलित मेनफ्रेम कम्प्यूटर है !


4.सुपर कम्प्यूटर(super computer) :-
  • सुपर कम्प्यूटर का आकार सबसे बड़ा होता है !
  • इन कम्प्यूटर की भंडारण क्षमता(memory)तथा संसाधन (processing) की गति सभी कम्प्यूटरो से अधिक होती है !
  • इन कम्प्यूटर एक साथ बहुत सारे व्यक्ति कार्य कर सकते है !
  • सुपर कम्प्यूटर में तार्किक निर्णय लेने की क्षमता बहुत अधिक होती है !
  • सुपर कम्प्यूटर का प्रयोग मौसम संबधी जानकारी , फिल्मे बनाने में ,तथा सुरक्षा संबधी कार्यो में किया जाता है !
  • यह कम्प्यूटर बहु-प्रोग्रामन (Multi Programming),समय साझेदारी (Time Sharing) तथा नेटवर्क प्रोसेसिंग जैसी कई प्रणालियों में प्रयोग किया जाता है !
  • सुपर कम्प्यूटर एक प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागो में बाटकर उनके निर्देशों को एक साथ क्रियान्वयन कर सकता है ! इसे समानान्तारिकरण (Parallelism) कहते है !
  • इन कम्प्यूटर में बहुत सारे टर्मिनल एक साथ जोड़े जा सकते है !
  • भारत भी सुपर कम्प्यूटर बनाने वाले देशो में आता है परम (PARAM) भारत द्वारा बनाया गया पहला सुपर कम्प्यूटर है ! वर्तमान में कई देशो को भारत द्वारा सुपर कम्प्यूटर का निर्यात किया जाता है !
  • ILLIAC IV , CRAY श्रेणी के सुपर कम्प्यूटर है !

कार्यप्रणाली के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार 
1.डिजिटल कम्प्यूटर्स(Digital computer):-
  • यह कम्प्यूटर  सिर्फ डॉ संख्याओ 0 तथा  1 पर ही कार्य करते है !
  • यह कम्प्यूटर गणना करते है परन्तु सिर्फ जोड़ से ही सभी गणितीय समस्याओं के समाधान निकाले जाते है !
  • यह कम्प्यूटर सभी डाटा तथा निर्देश एक साथ लेते है तथा निर्देश के अनुसार गणना करके एक साथ परिणाम देते है !
  • इन कम्प्यूटर को चलाने के लिए प्रोग्रामन का ज्ञान होना बहुत ही जरुरी होता है !
  • यह कम्प्यूटर सबसे ज्यादा उपयोग में लिए जाते है !


2.एनालॉग कम्प्यूटर्स(Analog computer) :-
  • यह कम्प्यूटर संख्याओ पर कार्य नही करते है यह दुसरे संकेतो पर कार्य करते है जैसे तापमान,गति,विद्युत प्रवाह आदि पर कार्य करते है !
  • यह कम्प्यूटर सिर्फ एक समय में एक ही निर्देश देते है तथा पहला निर्देश पूरा होने के बाद दूसरा निर्देश लेते है !
  • इन कम्प्यूटर को चलाने के लिए प्रोग्रामन का ज्ञान आवश्यक नही है !


3.हाईब्रिड कम्प्यूटर्स(Hybrid computer) :-
  • इन कम्प्यूटर में डिजिटल तथा एनालॉग दोनों कम्प्यूटरो के गुणों का समावेश होता है !
  • यह कम्प्यूटर तापमान,गति,विद्युत प्रवाह आदि संकेतो पर कम करते हुए संख्याओ की गणना भी कर सकते है !
  • हाईब्रिड कम्प्यूटर दिए गए प्रोग्राम के निर्देश के अनुसार काम करते है लेकिन इनके प्रोग्राम इनकी स्मृति (Memory) में स्टोर होते है अतः प्रोग्रामन के ज्ञान की कोई आवश्यकता नही होती है !

कार्यप्रणाली के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार 


8.सामान्य उपयोग के कम्प्यूटर(General purpose computer) :-
  • ऐसे कम्प्यूटर में विविध कार्य करने की क्षमता होती है !
  • इन कम्प्यूटर का मूल स्वरूप एक जैसा होता है परन्तु विभिन्न साफ्टवेयर का उपयोग करके इनको विभिन्न कार्य में प्रयोग किया जाता है !
  • व्यावसायिक तौर पर काम आने वाले सभी कम्प्यूटर सामान्य उपयोग के कम्प्यूटर होते है !


9.विशेष उपयोग के कम्प्यूटर(Special purpose computer) :-
  • विशेष कम्प्यूटर किसी एक कार्य को करने के लिए ही विशेष होते है !
  • इन कम्प्यूटर में उपयोग आने वाला साफ्टवेयर इनकी भंडारण क्षमता में पहले से ही विद्यमान होता है !
  • इन कम्प्यूटर का प्रयोग अन्तरिक्ष अनुसंधान,मौसम विभाग तथा अन्य वैज्ञानिक प्रयोगशालाओ में इनका उपयोग होता है !