GDP Full Form In Hindi ( GDP क्या है )

GDP Full Form In Hindi ( GDP क्या है )


दोस्तों आज इस पोस्ट में आपको बताने जा रहा हूँ GDP के बारे में GDP Full Form यह किया होती है ! GDP के बारे में अक्सर आपने अख़बार तथा न्यूज़ चैनल में पढ़ा तथा अपने अध्यापक से सुना होगा की यह GDP क्या होती है ! GDP Full Form क्या होती है ! तो आज में इस पोस्ट के माध्यम से आपको GDP के बारे में बताने वाला हूँ !



GDP Full Form in hindi


GDP का फुल फॉर्म हिंदी में सकल घरेलू उत्पादन होता है !

GDP Full Form in English 



GDP का फुल फॉर्म अंग्रेजी में Gross Domestic Product होता है !

GDP kiya hota hai 


  • दोस्तों GDP शब्द को हम देश की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ते है ! GDP का सर्वप्रथम प्रयोग 1935-44 के दौरान अमेरिका के साइमन ने किया था जो की एक अर्थशास्त्री थे ! GDP से साइमन ने ही अमेरिका से परिचय कराया था !
  • Gross Domestic Product किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को मापने का एक पैमाना होता है ! जिस प्रकार हम अपने शरीर का तापमान थर्मामीटर की सहायता से मापते है उसी प्रकार किसी देश की आर्थिक स्थिति को मापने का एक पैमाना होता है !
  • आपकी जानकारी के लिए बता दे की भारत में GDP की गणना प्रत्येक तीन महीने में एक बार की जाती है ! GDP का आंकड़ा अर्थव्यवस्था के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में उत्पादन की वृद्धि दर पर आधारित होता है !
  • GDP के अंतर्गत मुख्य तीन घटक कृषि,उद्योग तथा सेवा प्रमुख होते है ! इन तीनो क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने या घटने के आधार पर GDP दर तय होती है !

GDP को विस्तार से समझे 


  • देश में मौजूद कोई भी वस्तु या सामान की जो रेट होती है उसे GDP कहते है ! वो रेट किसी नागरिक के द्वारा या सरकार के द्वारा बनाई गई हो !
  • GDP के अंतर्गत देश के अंदर बनी गई वस्तु को ही इसमें शामिल किया जाता है किसी दुसरे देश से आयात की गई वस्तु को इसमें नही जोड़ा जाता है !
  • अगर हम इसे और आसान भाषा में समझे तो GDP किसी भी देश का एक ऐसा नम्बर होता है ! जो किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को प्रदर्शित करता है !
  • GDP के अंतर्गत उद्योग,कृषि या देश में लोगो के द्वारा कितना खर्च किया जा रहा है तथा कितना Investment की Groth घट रही या बढ़ रही है ! इस जानकारी को GDP के पैमाने के द्वारा पता लगाया जाता है !
  • आपको यह पता होना चाहिए की जब भारत की GDP घटती है तो वस्तुएं महंगी होती है अर्थात महंगाई बढ़ जाती है तथा जब GDP बढती है तो वस्तुएं सस्ती होती है अर्थात महंगाई कम होती है !

GDP के प्रकार (Types Of GDP)

GDP मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है !

1.कांस्टेट प्राइस:-
भारत में प्रत्येक वर्ष एक डाटाबेस तैयार किया जाता है जिसमे उस साल में उत्पादन और सेवाओं का डाटाबेस होता है जिसके अंतर्गत साल में उत्पादन की जाने वाली सभी वस्तुओं में जो भी बदलाव होते है ! उन बदलावों को ध्यान में रखते हुए इनको बनाया जाता है ! इसका मतलब प्रत्येक वर्ष किसी वस्तु की उस समय की कीमत के आधार पर उस वस्तु में तुलनात्मक वृद्धि तय की जाती है जिसे हम कांस्टेट प्राइस कहते है !

2.करेंट प्राइस:-
GDP की उत्पादन की कीमत में महंगाई को भी शामिल कर दिया जाता तो हमें आर्थिक उत्पादन की मौजूद कीमत हासिल हो जाती है ! इसका मतलब आपको कांस्टेट प्राइस GDP की उस समय की महंगाई दर से जोड़ना होता है !

GDP कैसे निकालते है 


दोस्तों GDP निकालने का एक सूत्र होता है जिसके बारे में हम GDP की गणना करते है !
GDP = खर्च + निवेश + सरकारी खर्चे + कुल निर्यात 
GDP = C + I + G + ( X-M)

खर्च(Consumption):-
हम किसी भी मार्केट से जब कोई वस्तु खरीदने जाते है तो उस वस्तु की जो भी कीमत हम देते है उसे खर्च कहते है ! मान लीजिये आप बाजार से एक मोबाईल फोन लेने गए तो आपने उस मोबाईल फोन के लिए जो कीमत दुकानदार वाले को दी है तो वह खर्च कहलाता है !

निवेश(Investment):-
इसका आसान भाषा में मतलब होता है की किसी भी व्यवसाय में कितने लोग मिलकर उस व्यवसाय में अपना पैसा खर्च करते है !

सरकारी खर्च(Government Investment):-
आपने देखा होगा की सरकार जगह-जगह पर रोड,सडक,तथा और भी कोई निर्माण कराती है तो उस निर्माण में जो खर्च आता है उसे हम सरकारी खर्च कहते है !

निर्यात(Export):-
हमारे देश भारत में किसी भी वस्तु का निर्माण किया जाता है तो उन वस्तुओं के निर्माण में जो कीमत लगती है उसे निर्यात कहा जाता है उस कीमत को ही GDP में जोड़ा जाता है !

दोस्तों आपको इस पोस्ट में GDP के बारे में बताया गया है आशा करता हूँ की आपको यह पोस्ट पसंद आयी होगी ! आप अपने सुझाव जरुर दे !